ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 88"
राहुल ( घबराकर ) :- लेकिन... लेकिन क्या डॉक्टर प्लीज बताइए मुझे बहुत डर लग रहा है
डॉक्टर :- आय एम सॉरी डॉक्टर राहुल....
डॉक्टर के इतना कहते ही राहुल लड़खड़ा कर पीछे की तरफ गिरने लगा पर इवान ने उसे सम्भाल लिया, सुमित्रा जी घबराई हुई आवाज मे बोली
सुमित्रा जी :- डॉक्टर साहब आन्या को क्या हुआ है वो ठीक तो है ना
डॉक्टर ( एक गहरी सांस लेकर ) :- देखिये हम आपको झूठी दिलासा नही देंगे, आपकी बेटी की हेल्थ कंडीशन पहले से ही खराब थी, लेकिन अभी अब सिचुएशन बहुत अलग है, इस बार ज्यादा देर तक दर्द मे रहने के कारण और पेट पर झटका लगने के कारण उन्हे बहुत चोट आई है जिसके कारण अभी उनकी हालत ठीक नही है, ऑपरेशन तो हमने कर दिया है, अब सब ऊपर वाले के हाथ मे है अगर उन्हे 24 घंटे के अंदर होश आ गया तो कुछ कहा जा सकता है वरना...
इतना बोलकर डॉक्टर तो वहा से चले गये लेकिन सभी घरवाले बस बुत बने खड़े हुए थे, सभी की आँखें इस बक्त आँशुओ से भरी हुई थी, सभी वही पड़ी चेयर्स पर बैठ गये, सुमित्रा जी और पायल हॉस्पिटल मे रखी गणपति बप्पा की मूर्ति के सामने जाकर हाथ जोड़कर खड़ी हो गई, किआरा भी उनके साथ ही थी
राहुल जल्दी से अपनी नम आँखे पोछते हुए हॉस्पिटल के पीछे की तरफ आया जहा गार्डन था, वो वहा मौजूद एक ब्रैंच पर बैठ अपने घुटनो पर हाथ रख चेहरों को हथेलियो मे छिपा लिया
दोपहर से शाम हो गई पर आन्या को अभी तक होश नही आया था, जब बाहर अंधेरा छाने लगा तो एक नर्स ने आकर उन्हे हॉस्पिटल से जाने को कहा तो सबको किआरा ओर इवान ने समझा कर घर भेज दिया था क्युकी इस बक्त हॉस्पिटल मे सिर्फ दो व्यक्ति ही रुक सकते थे, रात को ज्यादा लोगो को रुकना अलाऊ नही था, किआरा भी उनके साथ ही चली गई, उसने इवान को राहुल का ध्यान रखने को कहा था क्युकी इस बक्त सबसे ज्यादा राहुल हर्ट था, सबके जाने के बाद इवान राहुल के पास गया ओर उसके पास ही बैठ गया ओर बोला
इवान :- राहुल सम्भाल खुदको, अगर तु ही ऐसे कमजोर पड़ेगा तो उस नन्ही सी बच्ची को कौन संभालेगा जिसने अभी अपनी आँखे खोल ठीक से दुनिया भी नही देखी, तु देखना आन्या को कुछ नही होगा वो कल तक जरूर होश मे आ जाएगी, इसलिए प्लीज खुदको स्ट्रांग बना, अपने लिए ना सही पर उस नन्ही सी बच्ची ओर आन्या के लिए, प्लीज राहुल
इवान की बात सुन राहुल ने नम आँखों से उसे देखा फिर एक गहरी सांस लेकर खुदको सम्भाला और हॉस्पिटल के अंदर गया, इवान भी उसके पीछे पीछे गया, राहुल आन्या के बॉर्ड के बाहर जाकर खड़ा हुआ, अंदर रूम मे आन्या मशीनो से घिरी हुई बेड पर लेटी हुई थी, उसके बाए हाथ मे निडिल लगी हुई थी, और उसके चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क लगा हुआ था, पास ही रखे मॉनिटर पर आन्या की धड़कने शो हो रही थी, उसका चेहरा इस बक्त मुरझाया हुआ सा पीला पड़ चुका था, कुछ देर बाहर से आन्या को देखने के बाद दरवाजा खोल अंदर गया और आन्या के पास जाकर पास रखी चेयर पर बैठ गया, उसने आन्या का हाथ अपने हाथ मे लिया और उसके हाथ को चूम अपनी दोनो हथेलिया के बीच थामे एक टक बिना कुछ कहे बस आन्या को देखे जा रहा था, इवान जो उसके पीछे आया था, जब उसने राहुल को आन्या के साथ देखा वो वही दरवाजे पर रुक गया फिर वो वहा से चला गया
कुछ देर बाद जब घर पर सब आये तो दादी हॉल मे ही मेड्स के साथ वन्या और उत्कर्ष को सम्भाल रही थी, दादी ने जब सबको आता देखा तो वो जल्दी से इधर उधर देखते हुए बोली
दादी :- सुजीत, अजय, सुमित्रा, पायल आन्या कहा है, वो क्या अभी भी हॉस्पिटल मे है, उसकी डिलीवरी तो अच्छे से हो गई थी ना, वो ठीक तो है ना, कुछ तो कहो तुम लोग बताओ मेरी आन्या आन्या है उसे कहा छोड़ आये तुम सब, और राहुल और इवान कहा है वो दोनो क्यू नही दिख रहे
दादी ने घबराहट मे पूछा तो सबकी आँखे नम हो गई, सुजीत जी ने अपने आँशु छिपाकर चेहरे जब मुस्कुराहट लाये और दादी के पास जाकर बैठे और बोले
सुजीत जी :- माँ आप चिंता मत कीजिये हमारी आन्या बिल्कुल ठीक है, और आपको पता है हमारे घर लक्ष्मी आई है, आन्या ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है, आन्या की डिलीवरी नॉर्मल नही थी ना इसलिए अभी वो हॉस्पिटल मे ही है, जब तक वो पुरी तरह ठीक नही हो जाती वही रहेगी
दादी ने सुजीत जी की बात सुन राहत भरी सांस ली और अपने हाथ जोड़ भगवान को धन्यवाद देते हुए बोली
दादी :- आपका बहुत बहुत आभार प्रभु जो आपने मेरी आन्या और उसके बच्चे की रक्षा की, उसे सही सलामत दुनिया मे भेजा, धन्यवाद प्रभु ( इतना बोलकर दादी ने हाथ जोड़ भगवान को प्रणाम किया और फिर सुजीत जी से बोली ) तुझे पता है सुजीत बेटा जाने क्यू मेरा दिल बहुत घबरा रहा था की कही आन्या को कुछ हो ना जाए, तबसे बस मन ही मन भगवान से यही प्रार्थना कर रही थी की मेरी आन्या और उसके बच्चे को कुछ न हो, लेकिन अब आन्या ठीक है तो मै अब बहुत खुश हु, कल मै भी तुम सबके साथ जाउंगी आन्या और उसकी बच्ची से मिलने, चलो अब तुम सब जल्दी से फ्रेश होकर आ जाओ, मैने तुम सबके लिए खाना बनबा लिया है, आकर खा लो सुबह से भूखे हो, चलो चलो अब जल्दी करो
दादी के कहने जब सभी अपने अपने रूम मे गये फ्रेश होने फिर नीचे आकर बुझे मन से जितना खाना खिलाया खाया और फिर वापस अपने रूम मे आ गये
इधर हॉस्पिटल मे कुछ देर बाद इवान अपने हाथ मे चाय के दो कप लेकर आया और साथ मे थोड़ा खाना भी था क्युकी राहुल ने सुबह से कुछ नही खाया था, वो राहुल के पास आया और वही टेबल पर चाय के कप और खाना रख राहुल जो अभी भी बस आन्या का हाथ थामे उसे देख रहा था उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला
इवान :- राहुल सम्भालो खुद को आन्या ठीक हो जाएगी, चलो अब तुम भी चाय पी लो और कुछ खा लो, अगर तुम अपना ध्यान नही रखोगे तो आन्या और बेबी का ध्यान कैसे रखोगे, और फिर अभी तो हमे बेबी से भी मिलना है, ये क्या बात हुई भला की बेबी की मम्मा अभी सो रही है तो उसके पापा, मामा और बाकी सब उससे नही मिलेंगे, चलो जल्दी से खाओ ये सब फिर मै तो चला बेबी से मिलने, भई देखु भी तो अब की मेरी गुड़िया की लिटिल गुड़िया केसी है
इवान ने राहुल को अपनी बातो मे लगाकर उसे थोड़ा बहुत नाश्ता करवाया और खुद भी थोड़ा बहुत खाया, जब कुछ देर बाद नर्स आन्या को देखने आई तो राहुल जल्दी से उसके पास गया और बोला
राहुल :- सिस्टर मेरी... मेरी बच्ची वो कहा है, मुझे उससे मिलना है प्लीज क्या आप मुझे मेरी बच्ची से मिलवा सकती है
नर्स राहुल की बात सुन कुछ देर तक तो उसे देखती रही फिर मुस्कुराकर बोली
नर्स :- जी जरूर आप जरूर मिल सकते है आपकी बेटी से, आप कुछ देर इंतज़ार कीजिये मै अभी लाती हु, दरअसल बेबी को कुछ घंटो के लिए बेंटिलेटर जब रखा गया है जिससे हम आपको उससे तभी ना मिला सके जब अब आप मिल सकते है
नर्स वहा से चली गई तो राहुल बेसब्री से उसका इंतज़ार करने लगा, क्युकी इवान की बात सुन राहुल का मन अब अपनी एंजल से मिलने का कर रहा था जिससे मिलने के लिए वो कबसे राह देख रहा था, अभी तक तो सिर्फ वो आन्या से बात करता था पर अब... अब वो उसे देख सकता था, उसे अपनी गोद मे ले सकता था उसे प्यार कर सकता था, उसके साथ खेल सकता था, पर साथ ही साथ वो घबरा भी रहा था की पता नही वो कैसा पिता बनेगा, क्या वो अपनी बच्ची के लिए अच्छा पिता बन पायेगा या नही, राहुल इन्ही ख्यालो मे खोया हुआ था की तभी नर्स बेबी को लेकर आई और राहुल की तरफ बच्ची को बढ़ाया , राहुल ने जब अपनी लिटिल एंजल को देखा तो वो बहुत नर्वस हो गया, इवान ने जब उसके कंधे लर हाथ रख उसे सात्वना दी तो राहुल ने अपने कांपते हाथो से बेबी को अपनी गोद मे बहुत ही आराम से लिया, वो बच्ची अपनी बड़ी बड़ी आँखों से टुकुर टुकुर राहुल को देख रही थी, राहुल ने बहुत प्यार से जब उसके माथे पर किस किया तो वो खिल खिलाकर हस दी, राहुल उसकी मुस्कुराहट देख नम आँखों से मुस्कुरा दिया, वो इवान से बोला
राहुल :- इवान देख मेरी बच्ची, मेरी एंजल कितनी प्यारी है ना, उसकी आँखे देख बड़ी बड़ी और भूरी है बिल्कुल आन्या की तरह, और इसकी नाक देख बिल्कुल छोटी सी, ये कितनी क्यूट है, इसका क्यूट फेस ना बिल्कुल मुझपर गया है, मेरी एंजल...
इवान ( हसकर ) :- हाँ राहुल तेरी एंजल बिल्कुल तेरी तरह है, देख कैसे अपनी जीभ दिखाकर चखे बता रही है की पापा मै बिल्कुल आपकी तरह हु🤪
इवान ने उसे चिढ़ाया तो राहुल बोला
राहुल :- ओये इवान जीभ दिखाकर बताया नही जाता चिड़ाया जाता है, एक मिनट तु मुझे चिड़ा रहा है रुक अब मै तुझे मेरी एंजल बिल्कुल भी नही दूंगा
राहुल ने रूठते हुए बेबी को अपने गले से लगा लिया तो इवान उसको मानते हुए बोला
इवान :- अरे राहुल मेरे भाई मेरे जीजा मै तो मजाक कर रहा था, तेरी एंजल बिल्कुल तेरी तरह है बहुत प्यारी सच्ची, चल अब मुझे भी दे ना बेबी को, मुझे भी तो मिलना है मेरी भांजी से
इवान के मनाने पर राहुल ने मुस्कुराकर उसे बेबी को दे दिया, इवान और राहुल दोनो मिलकर बेबी के साथ खेलने लगे और इस बात पर लड़ने लगे की बेबी की कौनसी सी चीज उसके पापा से या मामा से मिलती है, नर्स उन्हे ऐसे देख मुस्कुराकर चली गई तो इवान और राहुल ने बेबी को वही रखे पालने मे लिटाया और बेबी से बाते करते करते और एक दूसरे से लड़ते हुए कब सो गये उन्हे पता ही नही चला, लगभग रात के चार बजे राहुल और इवान के कानो मे एक हल्कि सी आवाज आई तो वो दोनो जो कच्ची नींद सो रहे थे, वो चौक कर उठ गये और आवाज की दिशा मे देखा तो हैरान हो गये
To be continued.......................
थैंक्यू सो मच आप सभी को मेरी स्टोरी पढ़ने के लिए।
इसी तरह आप सब मेरी स्टोरी पढ़ते रहिये और कमेंट
Gunjan Kamal
05-Jan-2023 08:22 PM
शानदार
Reply
shweta soni
04-Jan-2023 11:15 PM
Very nice
Reply
सीताराम साहू 'निर्मल'
04-Jan-2023 07:48 PM
बेहतरीन
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